इंजिनियरिंग करके बने प्लास्टिक बाबा, कर रहे हैं लोगों को जागरूक

इंजिनियरिंग करने बाद सभी को एक अच्छी नौकरी की तलाश होती है. सोचिये नौकरी मिल रही हो, लेकिन उसे छोड़कर कोई लीक से हटकर एक नेक काम करने की सोचे. कुछ इसी तरह सोच को लेकर रोहितांश शर्मा प्लास्टिक के खिलाफ सत्याग्रह चला रहे हैं.
उन्हें अब प्लास्टिक बाबा के नाम से जाना जाता है. उन्होंने हाल ही में प्रयागराज में हुए कुम्भ में अपने सात वालंटियर्स के साथ मिलकर लोगों को जागरूक किया. उन्होंने कुम्भ में 250 किलो से ज्यादा प्लास्टिक इकठ्ठा किया. फिलहाल प्लास्टिक बाबा और उनके फॉलोअर्स इनमें से रीसाइकल और नॉन- रीसाइकल मटीरियल को छांट रहे हैं. जिसके बाद वो उसे कबाड़ी वालों को दे देंगे.
1994 से वो सामाजिक सेवा की तरफ आकर्षित हुए थे, लेकिन मानव स्वास्थ्य पर प्लास्टिक के दुष्प्रभाव पर अध्ययन करने के बाद उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर लोगों को जागरूक करने का फैसला किया.

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password